रिपोर्ट-गजेन्द्र सिंह
झांसी : जनपद में इस साल बरसात के सीजन में बादल न बरसने के कारण से शहर के बीचों बीच निकली सुखनई नदी समेत मऊरानीपुर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूरी पर बसे रानीपुर कस्वे मे नदी पोखर, तालाब सब सूखे पड़े थे लेकिन बुधबार की रात में हुई तेजगति वर्षा से कुछ घंटे मे मऊरानीपुर शहर जलमग्न हो गया, शहर की गलियों मे नदिया की तरह बरसाती पानी बह रहा था और न जाने कितनी गाड़िया नदी किनारे बसे घर पानी के आतंक के शिकार हो गए, निचले स्थानों पर बनी दुकाने जलमग्न हो गयी मुख्य रूप से मऊरानीपुर शहर को जोड़ने बाले सुखनई नदी पर बने नवनिर्मित पुल पर भी 2 फुट पानी बह रहा था, वही शहर के निचले हिस्सों मे बने घरों मे पांच से दस फुट तक पानी भर गया, कुछ इससे भी बुरा हाल मऊरानीपुर के कुछ ही किलोमीटर पर बसे कपड़े उद्योग के लिए प्रसिद्ध रानीपुर कस्बे का हुआ है यहां पानी ने जमकर कहर बरपाया यहां भी कच्चे पक्के मकान दूकान समेत कस्बे मे सुखनई नदी पर बने रिपटा का भी बुरा हाल कर दिया है। पानी की धार इतनी अधिक थी कि नदी किनारे रखे सामान भी बहने लगा था, जिन लोगो ने जीवन यापन करने के लिए खोखा, टपरा व हाथ ठेला रख लिए थे वह सुबह से अपने सहयोगियों के साथ खोखा और टपरा उठाने में लगे रहे उन्हें लग रहा था कि कही तेज बहाव के कारण उनकी दुकान भी न बह जाए इतना ही नही जिन लोगों ने नदी किनारे अपने मकानो के दरवाजे कर लिए उनके भी घरों में नदी का पानी भर गया, बड़ी माता के पास बने पुल के दरवाजे बंद हो जाने की वजह से उनके घरों में पानी भर गया, कुल मिलाकर पूरी रात्रि वर्षा होंने की वजह से अफरा तफरी मच गई, सुबह से ही उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी अभिषेक राहुल, कोतवाली प्रभारी संजय कुमार गुप्ता ने नदी के पास जाकर जायजा लिया, पुल के दोनों ओर पुलिस की तैनाती की गई जिससे कोई भी आम जन नदी में बने पुल के ऊपर से न निकल सके क्योकि पुल के ऊपर पानी आ जाने से राहगीरों को निकलने से खतरा बन जाता है इसी लिए प्रशासन ने नगर वासियो से अपील की कोई भी नदी किनारे न भ्रमण करे और न ही नदी में निकलने की कोशिश करे, कुल मिलाकर जब तक बरसाती पानी का शहर, कस्बे से पूरी तरह से निकास नहीं हो जाता तब तक बारिश से हुए नुकसान का आकलन नहीं किया जा सकता है ।
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