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शिक्षा विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार पर कब कसी जाएगी नकेल, जिम्मेदारों की अनदेखी से व्याप्त हो रहा भ्रष्टाचार....

रिपोर्ट-राकेश दिवाकर


कौशाम्बी : जनपद में नेवादा ब्लाक के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय मखऊपुर में प्रधाना अध्यापिका चंचला कुमारी द्वारा भ्रष्टाचार करने का आरोप एक ग्रामीण शिकायत कर्ता द्वारा लगाया जा रहा है ।

आपको बता दें कि प्राथमिक विद्यालय मखऊपुर में प्रधाना अध्यापिका चंचला कुमारी द्वारा भ्रष्टाचार करने का आरोप एक ग्रामीण शिकायत कर्ता द्वारा लगाया जा रहा है, पूरे मामले की शिकायत में खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रधानाध्यापिका को बचाने का प्रयास किया गया जा रहा है, शिकायतकर्ता राकेश दिवाकर द्वारा लगाई गई आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय में प्रधान अध्यापिका द्वारा एमडीएम में मानक के विपरीत भोजन तैयार करना, साथ ही बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी करके राशन और अन्य खाद्य सामग्रियों को बचाकर काला बाजारी कर लेना, सरकार द्वारा विद्यालय की रखरखाव और मरम्मत के लिए आए हुए राशि को फर्जी तरीके से दिखा कर निकाल लेना, बच्चों के ड्रेस, जूते, मोजे, कॉपी, किताब को भी बढ़ोत्तरी करके फर्जी ढंग से मार्केट में बेच देना, शिकायतकर्ता के अनुसार प्राप्त आरटीआई में विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य बिना बुलाए फर्जी हस्ताक्षर बना कर सरकार द्वारा मिल रही सभी सुविधाओं के लिए बैंक खाते से सरकारी धन राशि निकालकर गबन किया गया है, आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर की गई शिकायतकर्ता की शिकायती प्रकरण में लगभग एक वर्ष से जांच चल रही है, जिसमें अभी तक दोषी प्रधान अध्यापिका पर कोई कार्यवाही विभाग द्वारा नहीं की गई है, अब देखना यह हैं कि शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है या उच्च अधिकारियों द्वारा अब भी मूकदर्शक बन कर शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा, विभागीय जिम्मेदारी द्वारा प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका द्वारा किए गए घोटालों पर पर्दा डालने का काम किया जा रहा है क्योंकि शिकायत की शिकायत पर 18 जुलाई 2019 एक साल से चल रही जांच को फर्जी बताकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है, विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका लगभग 15 वर्षों के तैनात है, जिसके स्थानांतरण को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन अभी तक जिम्मेदारों ने इस पर कोई अमल नहीं किया है, अब पूरे मामले की शिकायत शिकायतकर्ता ने जनपद के मुख्य बेसिक शिक्षा अधिकारी से किया है अब देखना यह है कि कब तक प्रधान अध्यापिका पर कार्यवाही की जाती है ।

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