ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
कौशाम्बी : जनपद में चायल क्षेत्र के गुंगवा की बाग स्थित एक गेस्ट हाउस में सरदार वल्लभभाई पटेल की 147 वीं जयन्ती बड़े धूमधाम से मनाई गई, सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण करने के बाद समाज सेवी प्रीतम पटेल ने कहा कि आज भारत का जो नक्शा है वो सरदार पटेल की निर्भीकता निडरता और अदम्य साहस की बदौलत है, देश की 563 छोटी छोटी देशी रियासतों को एक कर आधुनिक भारत का निर्माण किया छुआ छूत देश की तरक्की में सबसे बड़ा बाधक है सरदार पटेल छुआ छूत और पाखण्ड, आडंबर के विरोधी थे इन सबका सबसे बड़ा कारण अशिक्षा है जब लोग शिक्षित होंगे तो ये सब बुराइयां अपने आप खतम हो जाएगी सरदार पटेल जी ने देश को आर्थिक राजनैतिक और भौगोलिक दृष्टि से मजबूत करने का काम किया है, पटेल जी हमेशा से किसानों की समस्याओं को लेकर चिंतित रहते थे उनका मानना था कि किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य तभी मिल पायेगा जब कृषि को उद्योग का दर्जा मिलेगा, देश के विकास में सरदार पटेल जी का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा उन्होंने स्वतन्त्र भारत को एक करने में दिया भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को वैचारिक एवं क्रियात्मक रूप से नई दिशा दी थी ।
सरदार पटेल चाहते थे कि देश की सभी नदियों को आपस में जोड़ा जाय जिससे कहीं बाढ़ और सूखे का सामना नहीं करने पड़े, समाज सेवी रमाकांत पटेल ने भी अपने विचार रखे और कहा कि सरदार पटेल हमेशा से किसानों मजलूमों के अधिकारों के लिए चिंचित रहते थे और कहते थे कि देश की तरक्की को तीन चीजे बहुत जरूरी है पहला अंकुरित बीज दूसरा चलता हुआ ट्रांसपोर्ट और बहता हुआ जल, वहीं जिलापंचायत सदस्य नेपाल सिंह पटेल ने भी अपने विचार व्यक्त किये और कहा कि आधुनिक भारत का नक्शा सरदार पटेल जी की वजह से बदला है पटेल जी का व्यक्तित्व बहुत बड़ा था और उन्हें एक समाज में नही बाँधा जा सकता है, जयंती समारोह के संयोजक डाक्टर अनिरुद्ध सिंह पटेल रहे, कार्यक्रम में मुख्यातिथि डाक्टर हरिश्चन्द्र पटेल रहे, जिसकी अध्यक्षता श्याम लाल पटेल ने की, जयंती समारोह को जापान पटेल, बुद्धिसागर पटेल, सतेन्द्र कुशवाहा, सोम सिंह पटेल, महेंद्र सिंह एडवोकेट, राम किशोर पटेल, भारत लाल पूर्व प्रधान मोन्नू सिंह, राम चन्द्र पटेल, आर एस पटेल सहित तमाम लोग उपस्थित रहे ।
0 Comments