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शंकराचार्य पर टिप्पणी को लेकर भड़के प्रकाशानंद महाराज, ममता कुलकर्णी पर साधा निशाना...

ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह 

प्रयागराज : अभिनेत्री से साध्वी बनीं ममता कुलकर्णी को लेकर महामंडलेश्वर प्रकाशानंद महाराज ने बड़ा और तीखा बयान दिया है। उन्होंने ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे “नाटक-क्रम” बताया और पूरे मामले की सरकारी जांच की मांग की है। महामंडलेश्वर प्रकाशानंद महाराज ने कहा कि ममता कुलकर्णी ने कब, कहां और कितने समय तक साधना की, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल इतना पता है कि ममता कुलकर्णी के संबंध अतीत में दाऊद इब्राहिम सहित कई विवादित लोगों से रहे हैं। वे करीब 25 वर्षों तक भारत से बाहर रहीं और अचानक देश लौटकर महामंडलेश्वर बन गईं, यह अपने आप में सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ममता कुलकर्णी ने कहा कि उनसे पैसा लिया गया है और वे महामंडलेश्वर नहीं बनना चाहतीं, फिर कुछ समय बाद कहा कि पैसा वापस नहीं किया जा रहा और दोबारा महामंडलेश्वर बन गईं। उन्होंने इसे लगातार चलता हुआ “नाटक” करार दिया।

महामंडलेश्वर ने कहा कि उन्होंने पहले भी सरकार से मांग की थी कि यह जांच की जाए कि ममता कुलकर्णी 25 साल बाद कहां से आईं और इसके पीछे कहीं कोई षड्यंत्र तो नहीं है। प्रकाशानंद महाराज ने सवाल उठाया कि बिना स्पष्ट साधना, पंच-गुरु और संत जीवन के अनुभव के कोई महामंडलेश्वर कैसे बन सकता है। उन्होंने ममता कुलकर्णी द्वारा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर की गई टिप्पणी को भी निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि जिसने एक दिन भी संत जीवन नहीं जिया, उसे शंकराचार्य जैसे प्रतिष्ठित संत पर उंगली उठाने का अधिकार नहीं है।

महामंडलेश्वर ने किन्नर अखाड़ा द्वारा ममता कुलकर्णी को बाहर किए जाने के फैसले का स्वागत किया और कहा कि संत समाज में उनकी टिप्पणियों को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संत परंपरा और मर्यादा का सम्मान करना हर किसी के लिए आवश्यक है।

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