Ticker

6/recent/ticker-posts

थानेदार बनकर वसूली करने वाला गिरोह गिरफ्तार, पचास हजार की ठगी का खुलासा...

ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह 

कौशाम्बी‌ : जनपद में थाना सैनी क्षेत्र में थानेदार बनकर पीड़ित परिवार से वसूली करने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। साइबर थाना एवं सैनी कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 24 दिसंबर 2025 को थाना सैनी क्षेत्र के बनपुरवा मजरा केन निवासी सुनील कुमार पुत्र राम सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ अज्ञात लोगों ने स्वयं को थानेदार बताते हुए गुमशुदा लड़की की बरामदगी के नाम पर उनसे ऑनलाइन 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। इस संबंध में थाना सैनी पर मुकदमा संख्या 427/25 धारा 318(4)/319(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस को जांच सौंपी गई। साइबर टीम ने मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों की मदद से साक्ष्य संकलित किए।

जांच के दौरान आईटी एक्ट की धारा 66डी की बढ़ोत्तरी करते हुए 21 जनवरी 2026 को तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान दीपेन्द्र यादव पुत्र संतोष कुमार निवासी बस स्टैण्ड कटेरा थाना कटेरा जनपद झांसी, प्रदीप कुमार पुत्र रतिराम निवासी खोरियाना का खिरक थाना कटेरा जनपद झांसी तथा अजय कुमार पुत्र रामचरन निवासी मोरियाना का खिरक थाना कटेरा जनपद झांसी के रूप में हुई है। विधिक कार्रवाई के बाद सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे यूपी कॉप ऐप के माध्यम से एफआईआर डाउनलोड करते थे और गुमशुदगी से संबंधित मामलों को चिन्हित कर पीड़ितों का पता निकालते थे।

इसके बाद सरकारी वेबसाइटों से ग्राम प्रधान या ग्राम सचिव का नाम व मोबाइल नंबर लेकर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर संपर्क करते और बरामदगी व खर्च के नाम पर फर्जी बैंक खातों में रुपये मंगवाते थे। आरोपियों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर भी ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ी दो शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के फोन कॉल या ऑनलाइन मांग पर बिना सत्यापन के धनराशि न भेजें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

Post a Comment

0 Comments