रिपोर्ट-फैजी जाफरी
कौशाम्बी : जिले में लूट की एक कथित सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए पूरे मामले को फर्जी करार दिया है। कर्ज के दबाव से बचने के लिए युवक ने खुद ही लूट की कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह किया। जांच के बाद पुलिस ने वादी को ही आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया। मिली जानकारी के अनुसार, 2 मई 2026 को पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी विमल कुमार उर्फ गोपाल जी पुत्र लक्ष्मी प्रसाद केशरवानी ने पुलिस को सूचना दी थी कि टेवा स्थित अपनी कॉस्मेटिक दुकान बंद कर घर लौटते समय जजौली गेट के पास एक अज्ञात युवक ने लिफ्ट मांगी। कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर विमल को एक निर्माणाधीन मकान में ले जाकर मारपीट की, रुपये और सोने की चेन लूट ली तथा रस्सी से बांधकर पिलर से लटका दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कई टीमें गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, स्थानीय लोगों से पूछताछ की और सर्विलांस के जरिए तथ्यों को जुटाया। जांच में सामने आया कि विमल कुमार ने 16 दिसंबर 2025 को टेवा निवासी अरविंद यादव से 50 हजार रुपये उधार लिए थे, जिसे वह वापस नहीं कर पा रहा था। बताया गया कि उधारी के दबाव से बचने के लिए विमल ने पूरी साजिश रची और झूठी लूट की कहानी बनाकर मुकदमा दर्ज करा दिया। इतना ही नहीं, उसने उधार देने वाले को ही मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी थी।
पुलिस की सख्त पूछताछ में विमल ने स्वीकार किया कि उस पर अलग-अलग जगहों से करीब साढ़े छह लाख रुपये का कर्ज है, जिसके चलते वह मानसिक दबाव में था और इसी कारण उसने फर्जी कहानी गढ़ी। पुलिस ने मामले में वादी विमल कुमार को ही आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया है। घटना के खुलासे के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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