रिपोर्ट-जैगम हलीम
कौशाम्बी : चायल सर्किल अंतर्गत सैय्यद सरावां में स्कीम एक गैस एजेंसी पर नियमों को ताक पर रखकर घरेलू गैस सिलेंडरों की डिलीवरी किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि एजेंसी के डिलीवरी बॉय ऑटो सवारी गाड़ियों पर सिलेंडर लादकर घर-घर सप्लाई कर रहे हैं, जबकि सुरक्षा मानकों के अनुरूप विशेष डिलीवरी वाहन का उपयोग किया जाना चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि ऑटो में सिलेंडर ढोने के दौरान सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो गाड़ियों में अग्निशमन यंत्र मौजूद है और न ही सिलेंडरों को निर्धारित तरीके से खड़ी अवस्था में बांधा जा रहा है। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। लोगों ने बताया कि ऑटो सवारी गाड़ियों में यात्रियों से 50 रुपये तक किराया वसूला जा रहा है, जबकि गैस सिलेंडर की डिलीवरी भी उसी वाहन से की जा रही है। स्थानीय उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि घरेलू गैस सिलेंडर निर्धारित सरकारी मूल्य से अधिक दाम पर बेचे जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ब्लैक में सिलेंडर ढाई हजार रुपये तक में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं डिलीवरी बॉय पर तय कीमत से अधिक रुपये लेने के भी आरोप लगाए गए हैं।
जानकारों के अनुसार सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए स्पष्ट नियम बनाए हैं। उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए DAC/OTP कोड के सत्यापन के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी की जा सकती है। इसके अलावा डिलीवरी बॉय तय सरकारी मूल्य से अधिक कोई अतिरिक्त शुल्क या टिप नहीं ले सकता है। नियमों के मुताबिक गैस सिलेंडर ले जाने वाले वाहनों में सिलेंडर हमेशा खड़ी अवस्था में रखने, उन्हें क्लैंप से कसकर बांधने, पर्याप्त वेंटिलेशन, फायर एक्सटिंग्विशर और Highly Inflammable Gas चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है। साथ ही डिलीवरी वाहन का उपयोग निजी सवारी या अन्य सामान ढोने के लिए नहीं किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित गैस कंपनी के अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लापरवाही नहीं रोकी गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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